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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पà¥à¤°à¤¸à¤µ काल तक का समय महिला और उसके शिशॠके लिठशारीरिक-मानसिक रूप से काफी अहम होता है। मेडिकल जांचों के साथ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ वाले खानपान पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान आने वाले शिशॠका शरीर à¤à¥€ आकार लेता है।
ये सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ जरूरी -
फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥‚आती तीन महीनों तक।
आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® व पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ : तीन महीने बाद इनकी गोलियां व सीरप दिठजाते हैं। ये शिशॠको ताकत देते हैं।
à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट : 3-4 महीने बाद बचà¥à¤šà¥‡ के बढ़ने के लिठà¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट की टैबलेटà¥à¤¸, कैपà¥à¤¸à¥‚ल व सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट दिठजाते हैं।
डाइट का à¤à¥€ रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ -
विटामिन, मिनरल, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤à¤à¥‹à¤œà¤¨ लें जो कि आपके और आपके शिशॠके लिठपौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• है। दिन में 6 बार नियमित रूप से खाà¤à¤‚।
शà¥à¤°à¥‚ के तीन महीने में बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• व रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ बनने लगती है जिसके विकास के लिठà¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में जरूरी होता है। इसलिठमां को नारियल पानी व फल-सबà¥à¤œà¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खानी चाहिà¤à¥¤ आखिरी के तीन महीने में बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर के विकास के लिठआयरन और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® बहà¥à¤¤ जरूरी होता है इसलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आयरन व कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की टैबलेटà¥à¤¸ और पनीर, रसगà¥à¤²à¥à¤²à¤¾, सोयाबीन, दाल आदि खाने की सलाह देते हैं जिससे बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बढ़ सके।
इस तरह से होता है विकास -
शà¥à¤°à¥‚ के 3-4 हफà¥à¤¤à¥‡ : सबसे पहले बचà¥à¤šà¥‡ का दिल, रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•, नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® और पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा (नाल) बनने लगते हैं। शरीर की लंबाई करीब 2 मिलीमीटर तक होती है।
दूसरा महीना : 8 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में कान आकार लेने लगते हैं। दिमाग व रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ विकसित हो जाती है। शरीर की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सिर का आकार बड़ा होता है। शिशॠकी लंबाई à¤à¤• इंच तक बढ़ जाती है।
तीसरा व चौथा महीना -
हाथ-पैर पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं और नाखूनों का बनना शà¥à¤°à¥‚ होता है। 12 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में शिशॠकी लंबाई ढाई इंच व वजन 30 गà¥à¤°à¤¾à¤® हो जाता है। सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¥à¥‡à¤¸à¥à¤•ोप की मदद से बचà¥à¤šà¥‡ की दिल की धड़कनें सà¥à¤¨à¥€ जा सकती हैं। 16 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में à¤à¥Œà¤‚हे और पलकें à¤à¥€ बन जाती हैं। शिशॠका वजन 80 गà¥à¤°à¤¾à¤® व लंबाई 5 इंच तक बढ़ जाती है।
पांचवां व छठा महीना -
पांचवा महीना : 20 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में मां को गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠकी हलचल महसूस होने लगती है। बचà¥à¤šà¥‡ का वजन 250 गà¥à¤°à¤¾à¤® और लंबाई 7 इंच तक बढ़ जाती हैं।
छठा महीना : 24 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ सिकà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ और लालिमा लिठहोती है। शिशॠका वजन 500 गà¥à¤°à¤¾à¤® तक और लंबाई 10 इंच तक बढ़ जाती है।
सातवां, आठवां व नवां महीना -
शिशॠका वजन 1.1 किलो और लंबाई 14 इंच तक बढ़ जाती है। 28 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के अंत तक फेफड़े ठीक से विकसित नहीं हो पाते। इसलिठसांतवें महीने में पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° डिलीवरी से जनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ को सांस की तकलीफ हो सकती है। तब उसे आईसीयू केयर में रखना पड़ता है।
आठवां महीना : 32 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद के पà¥à¤°à¤¸à¤µ को जचà¥à¤šà¤¾-बचà¥à¤šà¤¾ दोनों के लिठसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ माना जाता है। शिशॠका वजन 1.8 किलो और लंबाई 17 इंच तक हो जाती है।
नवां महीना : गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠजनà¥à¤® के लिठसही पॉजिशन में आ जाता है। 36 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में शरीर की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ थोड़ी मजबूत हो जाती हैं, लेकिन सिर की हडà¥à¤¡à¥€ नाज़à¥à¤• और लचकदार ही रहती है, जिससे आसानी से डिलीवरी हो सके। नवें महीने के अंत तक बचà¥à¤šà¥‡ का औसतन वजन 2.75 किलो तक और लंबाई लगà¤à¤— 20 इंच तक बढ़ जाती है।
डायबिटीज, हाई बीपी, थायरॉइड या अनà¥à¤¯ रोग से पीडि़त हैं तो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ इनकी दवाइयां à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह से नियमित लें। सà¥à¤¬à¤¹-शाम थोड़ा पैदल चलें। 8 घंटे की नींद अवशà¥à¤¯ लें। डाइटिंग मां और शिशà¥, दोनों की सेहत के लिठठीक नहीं होती।
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